उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य संरक्षक अधिकारी अनुप कुमार ने बताया कि सामान्य तौर पर स्टेशन और फाटकों से 600 मीटर की दूरी पर एक संकेतक लगाया जाता है। अब फाटकों से 250 मीटर पहले ही रिपीट विसलिंग लेवल क्रॉसिंग बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इस स्थान से लगातार सायरन बजाकर आस-पास के लोगों को ट्रेन निकलने तक क्रॉसिंग पार करने के लिए सावधान किया जाएगा। ये संकेतक रात के अंधेरे धुंध में भी गाड़ी चालकों को स्पष्ट नजर आएंगे। रेल मंत्रालय द्वारा मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग फाटकों पर आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ये कदम उठाया जा रहा है।
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