विभाग के अधिकारी सरकारी कामकाज की बजाय अपने निजी कार्यों को तवज्जो दे रहे हैं

रेलवे सूत्रों की मानें तो उत्तर रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति हुई है. तकरीबन 4200 कर्मचारियों में से 3900 कर्मचारियों को तैनाती दी गई है, जो विभिन्न कार्यालयों में ड्यूटी बजाते कागजों में दर्शाये जा रहे हैं. लेकिन सच्चाई इससे जुदा है.
सूत्र बताते हैं कि कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे विभाग के अधिकारी सरकारी कामकाज की बजाय अपने निजी कार्यों को तवज्जो दे रहे हैं और इनमें से अधिकांश को अपने घर के कार्यों को निपटाने के लिए आवासों पर तैनात कर रखा है. ये हर दिन उनके घर के कायर्रें को निपटाते हैं और शाम को हुजूर के सामने हाजिरी रजिस्टर पर अपने दस्तखत कर मस्ती से घर चले जाते हैं.
सूत्रों का कहना है कि ट्रैकमैन, ट्रैक मेंटर, ट्रालीमैन, खलासी आदि पद पर नियुक्त 1000 से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी अधिकारियों के घर पर लगाए जाने से विभागीय कामकाज निपटाने में दिक्कतें आ रहीं हैं. यही वजह है कि काम का निपटारा समय से नहीं हो पाता है. बावजूद इसके उच्चाधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं और समस्या बढ़ती जा रही है.

 

Source/Author Page: http://palpalindia.com/2014/11/16/up-Northern-Railways-duty-playing-house-1080-employees-Railway%20stations-news-hindi-india-78593.html

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